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देहरादून में शुरू हुई रात्रि चौपाल, गांवों में पहुंचकर समस्याएं सुनेगा प्रशासन

 देहरादून। ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने ‘रात्रि चौपाल’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत प्रशासनिक अधिकारी गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों के माध्यम से समाधान की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

‘जन सेवा–जन विश्वास–जन भागीदारी’ की भावना के अनुरूप शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करना है।

इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत थेवा, मालदेवता में रात्रि चौपाल आयोजित की गई। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।

सिंचाई से लेकर स्कूलों की बदहाली तक उठे मुद्दे

रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने कई महत्वपूर्ण समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। इनमें सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, टूटी पुलिया और विद्यालय के जर्जर भवन का मुद्दा प्रमुख रहा। ग्रामीणों ने धान की फसल में रोग और खरपतवार के कारण हो रहे नुकसान की जानकारी भी दी।

इसके अलावा जंगली जानवरों से खेती को नुकसान पहुंचने, सड़क निर्माण के कारण जल निकासी बाधित होने और विद्यालय में पेयजल की समस्या को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। इन समस्याओं के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के जीवन और खेती-किसानी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

समयबद्ध समाधान के अधिकारियों को निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि रात्रि चौपाल का प्रमुख उद्देश्य गांवों में छोटी-बड़ी समस्याओं की पहचान कर उनका स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। इससे ग्रामीणों को अपनी शिकायतों और आवश्यकताओं के लिए सीधे प्रशासन तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाए। साथ ही, संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।

जिला प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच सीधा संवाद बढ़ने तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है। अब इस पहल के माध्यम से गांवों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने पर जोर रहेगा।

 

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