टोयोटा। एशियाई पैरा खेल-2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को स्वर्ण और रजत पदक दिलाए। सोमवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच-1 स्पर्धा में मोना अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि पैरालंपिक चैंपियन अवनि लेखरा ने रजत पदक अपने नाम किया। इस दोहरी सफलता के साथ भारत ने प्रतियोगिता में पदकों का खाता खोला।
फाइनल मुकाबले में मोना ने 250 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, अवनि 249.6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दक्षिण कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीता।
पांचवें स्थान से शीर्ष पर पहुंचीं मोना
फाइनल में मोना की शुरुआत भले ही धीमी रही, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। एक समय पांचवें स्थान पर चल रहीं मोना ने सटीक निशानेबाजी के दम पर सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया।
इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने पिछले एशियाई पैरा खेलों में अवनि लेखरा के 249.6 अंकों के स्वर्ण पदक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, मोना विश्व रिकॉर्ड से चूक गईं। महिलाओं की इस स्पर्धा में 252 अंकों का विश्व रिकॉर्ड स्लोवाकिया की इरीना श्चेतनिक के नाम दर्ज है।
क्वालीफिकेशन में भी भारतीयों का दबदबा
फाइनल से पहले क्वालीफिकेशन राउंड में भी भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। मोना ने छह सीरीज में 629.1 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया और एशियाई पैरा खेलों का नया क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने चीन की झांग कुइपिंग का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा। अवनि ने 626.4 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
इस तरह दोनों भारतीय निशानेबाजों ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष दो स्थान हासिल करने के बाद फाइनल में भी अपनी श्रेष्ठता साबित की। अवनि ने इस पदक के साथ 2028 पैरालंपिक खेलों के लिए कोटा स्थान भी हासिल कर लिया, जबकि मोना पिछले महीने ही विश्व चैंपियनशिप में यह कोटा प्राप्त कर चुकी थीं।
पैरालंपिक में भी दिखा चुकी हैं दम
मोना अग्रवाल ने पेरिस पैरालंपिक-2024 में कांस्य पदक जीता था। वहीं, अवनि लेखरा पैरालंपिक में तीन पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने तोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण और कांस्य पदक हासिल किए थे, जबकि पेरिस पैरालंपिक में भी 10 मीटर एयर राइफल एसएच-1 स्पर्धा का स्वर्ण अपने नाम किया था।
