नागोया। एशियाई पैरा खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। पैरा जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने सोमवार को कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। मध्य प्रदेश के सीहोर के रहने वाले कपिल ने पुरुषों के जे1-70 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में इंडोनेशिया के रफली अहनाफ शिदकी को महज 69 सेकंड में इप्पोन के जरिए हराकर पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता के पहले दिन भारत का यह तीसरा पदक रहा।
आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में खेले गए मुकाबले में पेरिस पैरालंपिक 2024 के कांस्य पदक विजेता कपिल ने शानदार प्रदर्शन किया। विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर मौजूद भारतीय खिलाड़ी ने 17वीं रैंकिंग वाले इंडोनेशियाई प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त देकर पोडियम पर जगह बनाई।
क्वार्टर फाइनल में दिखाया दम, सेमीफाइनल में मिली हार
कांस्य पदक मुकाबले तक पहुंचने का कपिल का सफर आसान नहीं रहा। क्वार्टर फाइनल में उन्हें मंगोलिया के बातारसुरेन बात-एर्डेन से कड़ी चुनौती मिली। निर्धारित समय में मुकाबले का फैसला नहीं हो सका, जिसके बाद गोल्डन स्कोर में कपिल ने चार मिनट 53 सेकंड के संघर्ष के बाद इप्पोन से जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
हालांकि, सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी ने उन्हें इप्पोन से हराकर स्वर्ण पदक की दौड़ से बाहर कर दिया। इसके बावजूद कपिल ने हिम्मत नहीं हारी और कांस्य पदक के मुकाबले में दमदार वापसी करते हुए महज 69 सेकंड में जीत हासिल कर ली।
पैरा जूडो में पहले भी हासिल कर चुके हैं बड़ी उपलब्धियां
दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के जे1 वर्ग में खेलने वाले कपिल परमार वर्ष 2017 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं। कोच मुनव्वर अंजार अली सिद्दीकी के मार्गदर्शन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
उनके खाते में पेरिस पैरालंपिक 2024 का कांस्य, हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों का रजत और 2019 राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक शामिल है। इसके अलावा वह सात बार राष्ट्रीय चैंपियन रह चुके हैं और आईबीएसए ग्रां प्री प्रतियोगिताओं में भी कई खिताब जीत चुके हैं।
खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए कपिल को 2024-25 का अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया गया। वह टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) में भी शामिल हैं। उनका यह पदक भारतीय पैरा जूडो के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
