डॉ. निशंक ने कहा कि अजीत डोभाल उत्तराखंड के ऐसे सपूत हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा और एकता के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। उनकी पहचान किसी राजनीतिक पद से नहीं, बल्कि दशकों की राष्ट्रसेवा और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति समर्पण से बनी है। ऐसे व्यक्तित्व पर टिप्पणी करते समय मर्यादा और जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि देश की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने वाले व्यक्तियों के सम्मान का सवाल केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं है। यह देश की सुरक्षा व्यवस्था और राष्ट्रहित में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान से भी जुड़ा है।
डॉ. निशंक ने कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मां भारती की रक्षा में जुटे लोगों के सम्मान को लेकर पार्टी का क्या दृष्टिकोण है, यह स्पष्ट होना चाहिए। उनके अनुसार, देश की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर बयान देते समय राजनीतिक नेताओं को अपने शब्दों की गंभीरता समझनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान वीर सैनिकों, राष्ट्रभक्तों और देश के लिए सर्वस्व समर्पित करने वाले लोगों की भूमि के रूप में रही है। ऐसे में प्रदेश के गौरव और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर जनता की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
डॉ. निशंक के इस बयान से राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि के सम्मान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जनता अपनी भावनाएं व्यक्त करती रहेगी।
