मुख्यमंत्री ने कुल 95 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 67 करोड़ 24 लाख 36 हजार रुपये की 11 योजनाओं का लोकार्पण और 28 करोड़ 75 लाख 62 हजार रुपये की पांच योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत को आदर्श जनपद के रूप में विकसित करना सरकार का लक्ष्य है। आगामी 25 से 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। सड़क, परिवहन, पार्किंग, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। टनकपुर में निर्माणाधीन आईएसबीटी से परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा, जबकि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए करीब 66 करोड़ रुपये का ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि चम्पावत की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता को ध्यान में रखते हुए पर्यटन, रोजगार और स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विकासखंड चम्पावत की प्रत्येक ग्राम सभा को स्थानीय विकास कार्यों के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस राशि से सड़क, पुस्तकालय, आजीविका संवर्धन और आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन जैसे कार्य किए जा सकेंगे।
जिला बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण, वाहन पार्किंग और आधुनिक ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही जनपद की न्याय पंचायतों में सामुदायिक भवनों के निर्माण की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए आम नागरिकों को सरल और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
