मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए नर्सिंग संस्थानों के विस्तार, शिक्षकों की नियुक्ति और नए पाठ्यक्रमों पर काम किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में कुल सीटें बढ़कर 879 हो गई हैं, जबकि निजी संस्थानों में 10,616 सीटें उपलब्ध हैं।
जुलाई 2021 के बाद स्थापित राजकीय नर्सिंग संस्थानों में बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20 और एनपीएम की 30 सीटें बढ़ाई गई हैं। इसके अलावा एएनएम, जीएनएम, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
प्रदेश में जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए। इन संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 5,138 सीटों को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी यहां नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं।
नर्सिंग और व्यावसायिक शिक्षा के साथ युवाओं को जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सरकारी प्रयासों के तहत वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान और वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, दिसंबर 2021 में 40 और जून 2025 तक 26 नर्सिंग ट्यूटर नियुक्त किए गए। इससे नियमित ट्यूटरों की संख्या 66 हो गई। अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति हुई।
निदेशालय ने 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। वहीं, 30 ट्यूटरों की भर्ती के लिए अधियाचन चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया है। नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए हर साल लगभग 12,000 से 15,000 अभ्यर्थी आवेदन करते हैं।
