लखनऊ, 16 अक्टूबर। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक पराजय का बदला देश से लेना चाहती है। उन्होंने कहा कि ‘सत्ता परिवर्तन’ और ‘प्रतिरोध’ जैसे नारों के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ के दौरे के दूसरे दिन भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए।
‘सत्ता परिवर्तन’ के नारों पर उठाए सवाल
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां पैदा करने का सपना देख रही है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का राजनीतिक उत्तराधिकारी होने का दावा करने वाली पार्टी ने हिंसा और अराजकता की राजनीति अपनाकर नैतिक आधार खो दिया है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता पार्टी की राजनीतिक स्थिति और उसके कामकाज का आकलन कर सकती है। उन्होंने विपक्ष के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर भी सवाल उठाए।
गांधीजी के आंदोलन का किया जिक्र
रक्षामंत्री ने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन और चौरी-चौरा की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीजी ने हिंसा के बाद आंदोलन वापस ले लिया था। उन्होंने कहा कि ‘संसद नहीं, सड़क से ही रास्ता निकालना है’ जैसे बयान राजनीतिक समाधान के बजाय टकराव को बढ़ावा दे सकते हैं।
भारत की उपलब्धियों का किया उल्लेख
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में लगातार हार का सामना कर रहे कुछ राजनीतिक दल देश की विकास यात्रा में बाधा डालने वाली राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनावी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास नहीं किया है। लोकतंत्र में जनता, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी को दी आत्ममंथन की सलाह
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर व्यवधान की राजनीति करने के बजाय जनमत का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य एसआईआर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार या युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्ता हासिल करने के लिए राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण के लिए होना चाहिए, न कि राजनीतिक टकराव बढ़ाने के लिए। उन्होंने जोर दिया कि मतभेदों का समाधान संवाद, तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाना चाहिए।
प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।
