रियाद, 13 अक्टूबर। सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले को नाकाम कर दिया। यमन की ओर से खमीस मुशैत एयरबेस की तरफ दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया गया। हालांकि, मिसाइलों के मलबे के कुछ टुकड़े आसपास की इमारतों और वाहनों पर गिरे, लेकिन किसी के हताहत होने या संपत्ति को बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।
गल्फ न्यूज, अल जजीरा और अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यमन में वैध सरकार की बहाली के लिए गठित सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हमले की पुष्टि की है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि सोमवार आधी रात के बाद यमन की सीमा से खमीस मुशैत एयरबेस की ओर मिसाइलें दागी गई थीं। वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते उन्हें नष्ट कर दिया।
दक्षिण-पश्चिम सऊदी अरब के असिर प्रांत में स्थित खमीस मुशैत एक प्रमुख शहर है। यह प्रांतीय राजधानी आभा से करीब 27 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। इससे पहले सऊदी नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने शहर में संभावित खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की थी।
हवाई अड्डों और तेल ठिकानों पर भी हमले
गठबंधन ने सोमवार को कहा था कि वह ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से किए गए हमलों का जवाब दे रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया है। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हालिया हमलों में कई लोगों की मौत होने की खबर है। सोमवार को रियाद के बाहरी इलाके में स्थित इस प्रमुख हवाई अड्डे पर कामकाज बंद रहा।
अमेरिकी नागरिक हिरासत में
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने बताया कि सऊदी अरब में हालिया हमलों के वीडियो बना रहे कुछ अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, दूतावास ने उनकी संख्या नहीं बताई। अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को अब सऊदी अरब के किसी भी हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने से पहले दूतावास की मंजूरी लेनी होगी।
70 देशों ने की हमलों की निंदा
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इस्लामिक मामलों के मंत्री अब्दुल लतीफ अल-शेख को 70 देशों के 176 मंत्रियों और विद्वानों के संदेश मिले हैं। उन्होंने हूती हमलों की निंदा करते हुए मक्का-मदीना की पवित्र मस्जिदों, नागरिकों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराते खतरे को लेकर चिंता जताई है। सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती सालेह बिन फौजान ने इन हमलों को गंभीर अपराधों में से एक बताया है।
