मुख्यमंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी और किशोरी किट वितरित कीं। उन्होंने कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल विभागीय स्टॉल लगाना नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से जनसेवा और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ लोगों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे पहले संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस दौरान लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ पात्र नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में मिलने वाली शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए। जिन मामलों के निस्तारण में समय लगना हो, उनकी स्थिति और संभावित समयसीमा के बारे में शिकायतकर्ता को स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों को स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
धामी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श जैसी सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजनाओं से पात्र लोगों को लाभान्वित करना सरकार की प्रतिबद्धता है।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से शिविरों का लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
