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गंभीर ने उठाया पिचों का मुद्दा, फिर गेंदबाजों को क्यों दी खुद रास्ता निकालने की नसीहत?

रांची, 10 अक्टूबर। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 249 रन का विशाल लक्ष्य बचाने में नाकाम रहने के बाद भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच बेहतर संतुलन वाली पिचों की जरूरत पर जोर दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सपाट पिच और भारी ओस जैसी परिस्थितियों का सामना करते हुए भी गेंदबाजों को विकेट लेने और रन रोकने का रास्ता खुद तलाशना होगा।

वेस्टइंडीज ने शाई होप की अगुआई में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल किया। मैच के बाद गंभीर ने कहा कि वह भी ऐसा मुकाबला चाहते हैं, जिसमें बल्ले और गेंद के बीच बराबरी की टक्कर हो। उन्होंने गेंदबाजों की मेहनत का समर्थन करते हुए कहा कि भारतीय टीम तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों ने काफी संघर्ष किया है और उनके करियर को भी ध्यान में रखना चाहिए।

हार से सबक लेकर सुधार पर जोर

गंभीर ने हार के लिए केवल पिच और ओस को जिम्मेदार मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि विश्व चैंपियन टीम होने के नाते भारत को हर मुकाबले से सीख लेकर बेहतर प्रदर्शन करना होगा। उनके मुताबिक, जब विपक्षी टीम शुरुआती ओवरों में विकेट गंवा चुकी थी, तब भी भारतीय गेंदबाजों को उसे रोकने की रणनीति बनानी चाहिए थी।

कैच छूटने पर किसी को दोष नहीं

मुकाबले में भारत को उस समय बड़ा झटका लगा, जब मयंक यादव ने 10वें ओवर में शेरफेन रदरफोर्ड का कैच छोड़ दिया। उस वक्त रदरफोर्ड 38 रन पर थे। जीवनदान मिलने के बाद उन्होंने 37 गेंदों में 84 रन की विस्फोटक पारी खेली और वेस्टइंडीज की जीत में अहम भूमिका निभाई।

हालांकि, गंभीर ने कैच छूटने के लिए मयंक को जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में खिलाड़ियों से गलतियां होती हैं और कोई जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता। इसलिए किसी एक खिलाड़ी को दोष देना उचित नहीं है।

मयंक की रफ्तार से प्रभावित गंभीर

गंभीर ने मयंक यादव की तेज गेंदबाजी की तारीफ की। मयंक ने करीब 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट लिए। उन्होंने रोवमैन पॉवेल को 149.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद पर बोल्ड भी किया।

गंभीर ने कहा कि मयंक को अपनी ताकत पहचानकर उसी के मुताबिक गेंदबाजी करनी चाहिए। यदि कोई गेंदबाज 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाल सकता है, तो उसे अपनी इस क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिए।

इंदौर में अगली परीक्षा

भारतीय टीम अब रविवार को इंदौर में तीसरे टी20 मुकाबले में उतरेगी। बड़े स्कोर के लिए मशहूर इस मैदान पर भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में टीम की नजरें पिछली हार से सबक लेकर वापसी करने पर रहेंगी।

 

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