मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह पर्व हमें शक्ति, साहस, श्रद्धा और सकारात्मकता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। देवी के विभिन्न स्वरूपों की उपासना भारतीय संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध विरासत को भी दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में नारी के सम्मान और उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने का अवसर भी है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। ऐसे में इस पर्व की सार्थकता तभी है, जब हम अपने जीवन और व्यवहार में महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करें।
मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बालिकाओं के सम्मान और उनके महत्व को स्वीकार करने से जुड़ी हुई है। नवरात्रि के दौरान कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। यह परंपरा समाज को बेटियों के प्रति आदर और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश देती है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से नवरात्रि के पर्व को श्रद्धा, उल्लास और आपसी सद्भाव के साथ मनाने की कामना की। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि मां दुर्गा की कृपा से प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहेगी।
