जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार ने शहरी बुनियादी ढांचे को व्यवस्थित करने और सड़कों की बार-बार खुदाई रोकने के लिए कॉमन डक्ट पॉलिसी-2026 अधिसूचित की है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद लागू की गई इस नीति के तहत बिजली, पानी, गैस, दूरसंचार और डिजिटल नेटवर्क जैसी सुविधाओं के लिए साझा भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे आधुनिक शहरी ढांचे और बेहतर यूटिलिटी प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
नई नीति के तहत नई सड़कों के निर्माण के दौरान ही साझा डक्ट की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। वहीं, मौजूदा सड़कों और बुनियादी ढांचे में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इससे भविष्य में किसी नई केबल, पाइपलाइन या नेटवर्क के लिए तैयार सड़कों को बार-बार खोदने की जरूरत कम होगी। इससे सड़कें खराब होने और यातायात प्रभावित होने की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
नीति में सिंगल-विंडो राइट ऑफ वे मंजूरी की व्यवस्था की गई है। इससे अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया आसान होगी। साथ ही साझा भूमिगत ढांचे के निर्माण की लागत संबंधित विभागों और सेवा प्रदाताओं के बीच बांटने का प्रावधान भी किया गया है।
नीति का एक अहम पहलू भूमिगत सुविधाओं का डिजिटल एसेट मैपिंग है। ‘कॉल बिफोर यू डिग’ प्लेटफॉर्म के जरिए खुदाई से पहले जमीन के नीचे मौजूद पाइपलाइन और केबल की जानकारी हासिल की जा सकेगी। इससे भूमिगत नेटवर्क को नुकसान पहुंचने और सेवाएं बाधित होने का जोखिम घटेगा।
सरकार के अनुसार, साझा डक्ट व्यवस्था से यूटिलिटी के संचालन और रखरखाव की लागत कम करने में मदद मिलेगी। सड़कों और फुटपाथों पर बिखरे तारों से होने वाली अव्यवस्था भी घटेगी। जम्मू, श्रीनगर समेत तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में यह व्यवस्था भविष्य की डिजिटल कनेक्टिविटी और योजनाबद्ध विस्तार के लिए आधार तैयार कर सकती है।
