मासआर्ट सोसाइटी पर ED का शिकंजा, कोलकाता में 15 ठिकानों पर छापे

कोलकाता, 29 सितंबर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मासआर्ट (महानिर्वाण रोड मास आर्ट) सोसाइटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में मंगलवार को कोलकाता में बड़ी कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसी की टीमों ने शहर में करीब 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत की जा रही है।

ईडी के मुताबिक, यह मामला मासआर्ट सोसाइटी की ओर से दुर्गा पूजा के ‘प्रीव्यू शो’ के आयोजन से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सोसाइटी ने कथित तौर पर खुद को यूनेस्को प्रायोजित संस्था के तौर पर प्रस्तुत किया और इस आधार पर आम लोगों से बड़ी रकम एकत्र की। एजेंसी अब इस धन के स्रोत, उसके इस्तेमाल और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनसे कथित तौर पर यह संकेत मिलता है कि एकत्र की गई राशि का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

ईडी की कार्रवाई के दायरे में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े परिसरों के अलावा विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं से संबंधित ठिकाने भी शामिल बताए गए हैं। तलाशी के दौरान वित्तीय दस्तावेजों, लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की जा रही है।

ईडी की इस कार्रवाई के बाद मासआर्ट सोसाइटी से जुड़े मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर लोगों से जुटाई गई रकम का वास्तविक इस्तेमाल किस तरह किया गया और इसमें किन-किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका रही।

फिलहाल ईडी की ओर से मामले में आगे की जांच जारी है। तलाशी और जब्ती की कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्री के आधार पर जांच की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.