देहरादून। श्री बदरीनाथ धाम परिसर के समीप आयोजित सांस्कृतिक उत्सव के दौरान संगीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कार्यक्रमों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस बीच पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बदरीनाथ धाम में संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध होने की बात को आधारहीन बताया है।
सतपाल महाराज ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि बदरीनाथ धाम में संगीत, नृत्य अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम पूरी तरह प्रतिबंधित हैं, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम की धार्मिक परंपराओं में संगीत का विशेष स्थान रहा है और संगीत के माध्यम से भगवान की आराधना एवं स्तुति की जाती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर भारतीय सेना का बैंड धार्मिक धुनों और मंगल संगीत की प्रस्तुति करता है। उनके अनुसार, यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसी आधार पर उन्होंने धाम में संगीत पर पूर्ण प्रतिबंध की बात को सही नहीं बताया।
मंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम केवल एक मंदिर के रूप में नहीं, बल्कि उर्वशी पीठ के रूप में भी धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। यहां संगीत को आध्यात्मिक एवं वैदिक परंपरा का हिस्सा माना जाता रहा है।
गौरतलब है कि 19 और 20 सितंबर को बदरीनाथ के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ का आयोजन हुआ था। कार्यक्रम के वीडियो सामने आने के बाद तेज संगीत और कार्यक्रम के स्वरूप को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठे। कुछ संगठनों और तीर्थ पुरोहितों ने धाम की धार्मिक मर्यादा के अनुरूप आयोजन किए जाने की मांग की है।
ऐसे में सतपाल महाराज का बयान विवाद के बीच संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की धारणा को लेकर उनका पक्ष सामने रखता है। हालांकि कार्यक्रम के स्वरूप और आयोजन से जुड़े अन्य पहलुओं पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।