देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर निर्वाचन विभाग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रक्रिया और आगामी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देश पर सोमवार को अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर प्राप्त दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 28 सितंबर तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को SIR की प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया में पात्र नागरिकों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि ऐसे नागरिक जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार फॉर्म-6 ऑनलाइन ECI-Net के माध्यम से भरा जा सकता है। इसके अलावा संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य विवरण जांच लें तथा पात्र होने के बावजूद नाम शामिल नहीं होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें।
बैठक में निर्वाचन अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ SIR से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास मौजूद रहे।
राजनीतिक दलों की ओर से भाजपा के राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस के राजेंद्र सिंह भंडारी और प्रशांत खंडूरी, बसपा के सत्यपाल और सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी के अशोक सेमवाल तथा सीपीआई (एम) के अनंत आकाश ने बैठक में हिस्सा लिया।
निर्वाचन विभाग ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले दावों-आपत्तियों के निस्तारण और मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी दी।