वॉशिंगटन। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को अमेरिका पहुंचे। उनके स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद संयुक्त बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट के रनवे पर पहुंचे। ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत करते नजर आए। आम तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत व्हाइट हाउस में करते हैं, ऐसे में रनवे पर पहुंचकर स्वागत किए जाने को इस यात्रा के महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्वागत समारोह के दौरान अमेरिकी बी-1 बॉम्बर विमानों ने फ्लाईपास्ट भी किया। अमेरिकी सरजमीं पर किसी विदेशी विशिष्ट अतिथि के लिए राष्ट्रपति द्वारा एयरबेस पर जाकर स्वागत करने का ऐसा प्रमुख उदाहरण 2015 में देखने को मिला था, जब तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पोप फ्रांसिस का एयरबेस पर स्वागत किया था।
ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका पहुंचे जिनपिंग तीन दिनों तक यहां रहेंगे। यह एक दशक से अधिक समय में उनका पहला अमेरिकी दौरा है। इसके अलावा, छह महीने से भी कम समय में ट्रंप और जिनपिंग के बीच यह दूसरी शिखर वार्ता होगी। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार और तकनीक से जुड़े कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
वार्ता से पहले अमेरिका और चीन ने ट्रेड वॉर सीजफायर को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, 10 नवंबर को समाप्त होने वाली मौजूदा रोक को दो महीने बढ़ाकर 10 जनवरी तक किया गया है। इस दौरान दोनों देश विभिन्न समझौतों पर बातचीत आगे बढ़ा सकते हैं।
ट्रंप और जिनपिंग की बैठक में टैरिफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ईरान से जुड़े मुद्दे और ऊर्जा जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। चीन द्वारा ईरानी तेल की खरीद भी बातचीत का अहम मुद्दा हो सकती है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर और संवेदनशील तकनीकों के निर्यात पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर भी चीन अपनी बात रख सकता है।
चीन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास से जुड़े हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में दोनों नेताओं की वार्ता के दौरान सहमति और मतभेद दोनों महत्वपूर्ण रहेंगे।