MBECL अधिग्रहण पर ED की बड़ी कार्रवाई, 3 शहरों में 16 ठिकानों पर छापे

कोलकाता। मैकनली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (MBECL) के अधिग्रहण से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी के कोलकाता जोनल कार्यालय की टीम ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के तहत कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु में कुल 16 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई कंपनी के अधिग्रहण से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के परिसरों पर की जा रही है।

ईडी के अनुसार, तलाशी संजय पसारी, राजीव पसारी, रवि टोडी और सुधीर सतनालीवाला से जुड़े परिसरों पर की जा रही है। इसके अलावा बीटीएल ईपीटी लिमिटेड, मंडाल व्यापार प्राइवेट लिमिटेड, ट्रोलेक्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीईएमएफआईएल इंटरप्राइजेज लिमिटेड और महाबलेश्वर मर्चेन्ट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े ठिकाने भी जांच के दायरे में हैं।

जांच एजेंसी का मुख्य फोकस इस बात पर है कि MBECL का नियंत्रण हासिल करने के लिए इस्तेमाल किए गए धन का स्रोत क्या था और इस रकम का विभिन्न माध्यमों से किस तरह लेन-देन किया गया। ईडी संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों के वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग लेन-देन तथा विदेशी मुद्रा से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।

एजेंसी को मामले में FEMA, 1999 के संभावित उल्लंघन की आशंका है। इसी आधार पर विदेशी मुद्रा से जुड़े लेन-देन और संबंधित वित्तीय गतिविधियों की जांच की जा रही है। हालांकि, तलाशी अभियान के दौरान अब तक किसी तरह की गिरफ्तारी या जब्ती को लेकर एजेंसी की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा 29ए से भी जुड़ा है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं MBECL की इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया का इस्तेमाल ऐसे लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से कंपनी का नियंत्रण वापस दिलाने के लिए तो नहीं किया गया, जो धारा 29ए के तहत कंपनी का अधिग्रहण करने के लिए अयोग्य हो सकते थे।

फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है। एजेंसी दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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