देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करता, बल्कि वह पूरे राष्ट्र के भविष्य की नींव तैयार करता है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक मार्गदर्शन देना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एक अच्छे शिक्षक का प्रभाव विद्यार्थी के जीवन के साथ-साथ समाज और देश की दिशा पर भी पड़ता है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में कुसुम कांता फाउंडेशन एवं मंथन वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह एवं छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ महज सम्मान और छात्रवृत्ति वितरण तक सीमित कार्यक्रम नहीं है। यह प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पहचान देने, शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद बच्चे की शिक्षा में सहयोग करना केवल आर्थिक मदद करना नहीं, बल्कि उसके सपनों को साकार करने में भागीदार बनना है।
उन्होंने स्वर्गीय कुसुम कांता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संगीत, साहित्य और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण समाज के लिए प्रेरणादायी रहा। उनके जीवन मूल्यों और सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए कुसुम कांता फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फाउंडेशन शिक्षा के साथ महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। उन्होंने ऐसे प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि शिक्षा और संस्कार के माध्यम से ही सशक्त एवं जिम्मेदार नागरिक तैयार किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों का सम्मान और मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और प्रतिभा को प्रोत्साहन देने का संदेश भी सामने आया।