देहरादून। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रदेश के सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शिक्षकों को समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके भीतर संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें जीवन में सही राह दिखाने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का प्रभाव विद्यार्थी के पूरे जीवन पर पड़ता है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने महान शिक्षक, दार्शनिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. राधाकृष्णन के अमूल्य योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि बदलते समय और तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच शिक्षकों की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। आज शिक्षा को नवाचार, तकनीक, कौशल और संस्कार से जोड़ना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और समर्पण के माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। राज्यपाल के अनुसार शिक्षकों का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाने का भी है।
उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि मजबूत और संस्कारवान समाज के निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ समर्पित शिक्षकों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी।