देहरादून। उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से बजट जारी करने की प्रक्रिया तेज हुई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में केंद्रपोषित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषि उन्नति योजना की समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। बैठक में उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश की विभिन्न कृषि योजनाओं के लिए लंबित धनराशि जारी करने का अनुरोध किया।
बैठक में गणेश जोशी ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री के ऊधमसिंहनगर दौरे के दौरान आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम में वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जैविक कृषि कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड को सात करोड़ रुपये देने पर सहमति बनी थी। उन्होंने इस राशि को स्वीकृत करने का अनुरोध दोहराया। इसके अलावा फार्म फेंसिंग के लिए 25 करोड़ रुपये का अलग बजट राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत स्वीकृत करने की मांग भी रखी गई।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बैठक में बताया कि कृषि उन्नति योजना के तहत उत्तराखंड के लिए आवंटित 109.02 करोड़ रुपये के मुकाबले 54.51 करोड़ रुपये की पहली किस्त पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है। अब दूसरी किस्त के रूप में 40 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा रहे हैं।
इसी तरह राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत राज्य के लिए 191.55 करोड़ रुपये आवंटित हैं। इसमें से 95.77 करोड़ रुपये की पहली किस्त स्वीकृत हो चुकी है, जबकि दूसरी किस्त के रूप में 65.70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा रहे हैं। दोनों योजनाओं को मिलाकर उत्तराखंड को दूसरी किस्त के रूप में कुल 106.67 करोड़ रुपये मिलेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जैविक कृषि कार्यक्रम के लिए सात करोड़ रुपये स्वीकृत करने तथा फार्म फेंसिंग के लिए अलग से बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इससे प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने केंद्र सरकार की ओर से उत्तराखंड को विशेष रूप से धनराशि आवंटित किए जाने पर केंद्रीय कृषि मंत्री का आभार जताया। बैठक में कृषि महानिदेशक डॉ. आनंद श्रीवास्तव, निदेशक कृषि दिनेश सिंह, डॉ. रतन कुमार, डॉ. सुरेश राम और महेंद्र पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।