देहरादून। आम लोगों की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में कुल 140 फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, बरसाती नाले के अवरुद्ध होने से जलभराव, विधवा पेंशन के नाम पर कथित ठगी, घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और विकास कार्यों में देरी से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
अतिक्रमण की शिकायत पर मौके पर भेजे अधिकारी
ग्राम पंचायत छरबा स्थित लांघा रोड इंडस्ट्रियल एरिया से जुड़ी शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, मेसर्स हैब फार्मास्युटिकल एंड रिसर्च लिमिटेड द्वारा बरसाती नाले और ग्राम समाज की भूमि पर दीवार बनाए जाने से जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है। साथ ही बबली देवी की जमीन के दो खसरा नंबरों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया।
डीएम ने तहसीलदार विकासनगर और जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक को बैठक से ही मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने तथा अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम लक्ष्मीपुर में ग्राम समाज की भूमि पर कथित अवैध निर्माण की शिकायत पर भी एसडीएम विकासनगर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
विधवा पेंशन के नाम पर पैसे मांगने का आरोप
देवऋषि कॉलोनी निवासी जूली ने शिकायत की कि विधवा पेंशन बनवाने के नाम पर सीएससी सेंटर संचालक ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि चार हजार रुपये लेने के बावजूद उनके मूल दस्तावेज वापस नहीं किए गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलदार, जिला कार्यक्रम अधिकारी और संबंधित कोतवाली प्रभारी को संयुक्त जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनसुनवाई के दौरान डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण की समयबद्ध निगरानी की जाए।