गुरुग्राम। हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में बड़ा लाभ देने का फैसला किया है। राज्य में अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण और भर्ती प्रक्रिया में कई तरह की छूट का प्रावधान किया गया है। नई व्यवस्था आगामी 1 सितंबर से लागू होगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य सैन्य सेवा के दौरान अग्निवीरों को मिले प्रशिक्षण और कौशल का सरकारी रोजगार में बेहतर इस्तेमाल करना है।
नई नीति के तहत पुलिस कांस्टेबल, वन रक्षक, जेल वार्डर, माइनिंग गार्ड, वन्यजीव गार्ड और फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर जैसे छह पदों पर पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा। इस आरक्षण में अलग-अलग वर्गों के लिए कोटा निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जाति की दो श्रेणियों के लिए 2-2 प्रतिशत, बीसी-ए के लिए 3 प्रतिशत, बीसी-बी के लिए 2 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस के लिए 2 प्रतिशत और अनारक्षित वर्ग के लिए 9 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है।
इसके अलावा अन्य ग्रुप-सी पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है। सैन्य प्रशिक्षण से संबंधित कौशल विशेषज्ञता वाले ग्रुप-बी पदों पर भी 1 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया में भी अग्निवीरों को कई राहत मिलेगी। पुलिस कांस्टेबल और संबंधित पदों के लिए जरूरी फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (PST) से उन्हें छूट दी जाएगी। ग्रुप-सी पदों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) से छूट का मौजूदा प्रावधान भी जारी रहेगा। सैन्य प्रशिक्षण से जुड़े कौशल वाले पदों पर कौशल परीक्षा से भी पूर्व अग्निवीरों को छूट मिलेगी।
हालांकि, इन छूटों के बावजूद संबंधित पद के लिए भर्ती एजेंसी की ओर से आयोजित लिखित परीक्षा देना अनिवार्य रहेगा। मानव संसाधन विभाग की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों के साथ पुराने आदेशों को निरस्त कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवा में अनुभव और प्रशिक्षण के आधार पर बेहतर अवसर मिलेंगे।