सूरत, देश की महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना तेजी से आकार ले रही है। इस कॉरिडोर के तहत सूरत स्टेशन का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार स्टेशन का प्रमुख ढांचागत काम और छत का निर्माण पूरा हो चुका है। अब इंटीरियर फिनिशिंग और यात्रियों से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है।
करीब 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर ट्रेनें अधिकतम 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। यह परियोजना मुंबई, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे प्रमुख आर्थिक एवं कारोबारी शहरों को तेज रेल नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
हीरे से प्रेरित है सूरत स्टेशन का डिजाइन
सूरत स्टेशन की वास्तुकला को शहर की वैश्विक पहचान यानी हीरा कटिंग और पॉलिशिंग उद्योग से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है। स्टेशन की डिजाइन में हीरे की चमक, ज्यामितीय आकृतियों और आधुनिक वास्तुशैली को शामिल किया गया है। ऐसे में यह स्टेशन केवल परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि सूरत की औद्योगिक पहचान का आधुनिक प्रतीक भी बन सकता है।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
स्टेशन को विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। निर्माण के अंतिम चरण में इंटीरियर, यात्री सुविधाओं और अन्य आधुनिक व्यवस्थाओं को तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।
अगस्त 2027 में पहला चरण
रेलवे मंत्रालय के अनुसार परियोजना का पहला चरण अगस्त 2027 में शुरू करने की योजना है। इसके तहत करीब 97 किलोमीटर लंबे सूरत-वापी सेक्शन पर हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू की जाएगी। इस सेक्शन पर भारतीय निर्माण वाली बी28 बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी है।
बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने से मुंबई और गुजरात के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय कम होगा। तेज कनेक्टिविटी से व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक के विस्तार का आधार तैयार कर सकती है और भविष्य में देश की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।