मां यमुना प्रतिमा विवाद के बीच बढ़ा दबाव, अब रामशरण नौटियाल से मांगा स्पष्ट जवाब

हरिपुर, जौनसार-बावर के प्रवेश द्वार हरिपुर में मां यमुना की प्रतिमा स्थापना को लेकर चल रहे विवाद के बीच श्याम झूला निर्माण की योजना को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। लोक पंचायत ने प्रेसवार्ता कर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल से योजना की सैद्धांतिक स्वीकृति और प्रगति की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।

लोक पंचायत का कहना है कि मां यमुना की प्रतिमा फिलहाल तिरपाल से ढककर रखी गई है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। पंचायत के अनुसार, 25 जुलाई की शाम रामशरण नौटियाल ने प्रतिमा स्थापना के विरोध में धरना दिया था। उस दौरान उनका तर्क था कि जिस पुराने पिलर पर प्रतिमा स्थापित की जा रही है, उसी स्थान पर पिछले तीन वर्षों से श्याम झूला बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

लोक पंचायत ने कहा कि यदि श्याम झूला परियोजना का प्रस्ताव वर्ष 2023 में दिया गया था तो अब तक इसकी प्रगति क्या रही और योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है या नहीं, इसकी जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए। संगठन ने 27 जुलाई को 15 दिनों के भीतर योजना की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की थी, लेकिन 20 दिन गुजरने के बाद भी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई।

लोक पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह श्याम झूला निर्माण के खिलाफ नहीं है, बल्कि योजना का समर्थन करती है। उसका कहना है कि योजना केवल घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर काम शुरू होना चाहिए।

पंचायत के अनुसार, पुराने पिलर पर मां यमुना की प्रतिमा स्थापित करने का उद्देश्य ऐसा स्थान उपलब्ध कराना था, जहां घाट और नए पुल दोनों तरफ से श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें। संगठन का मानना है कि नदी के बीच स्थापित प्रतिमा हरिपुर के आकर्षण को बढ़ा सकती है।

लोक पंचायत ने बताया कि भविष्य में उसी स्थान पर श्याम झूला बनने की स्थिति में प्रतिमा को किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भी रखा गया था। साथ ही लिखित आश्वासन देने की बात कही गई थी, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुआ।

अब लोक पंचायत ने रामशरण नौटियाल से श्याम झूला की सैद्धांतिक स्वीकृति, वर्तमान स्थिति और निर्माण की संभावित समयसीमा स्पष्ट करने की मांग की है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.