नई दिल्ली, 16 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाल किले से दिए गए ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चिदंबरम ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि वह ‘दिमागी नक्सली’ हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर सियासी बहस तेज होने के संकेत हैं।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए ‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि लंबे समय तक सत्ता में रहे ऐसे लोग अब अवसर की तलाश में हैं और अराजकता के नए रास्ते खोज रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, ऐसे तत्व अलग-अलग तरीकों से समाज को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश को हिंसक नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। अब आवश्यकता ऐसे लोगों को पहचानने और उन्हें अलग-थलग करने की है, जिन्हें वह ‘दिमागी नक्सली’ के तौर पर देखते हैं।
प्रधानमंत्री के इसी बयान को लेकर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ होने पर गर्व है। चिदंबरम की इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा राजनीतिक जवाब माना जा रहा है।
चिदंबरम लंबे समय से केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री मोदी के बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहे हैं। उनके ताजा बयान ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और हवा दे दी है।
प्रधानमंत्री के बयान और चिदंबरम की प्रतिक्रिया के बीच अब राजनीतिक बहस का केंद्र ‘दिमागी नक्सली’ शब्द बन गया है। जहां भाजपा की ओर से इसे देश की सुरक्षा और विचारधारा से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है, वहीं कांग्रेस नेता ने इसे प्रधानमंत्री की राजनीतिक टिप्पणी के रूप में लेते हुए व्यंग्यात्मक जवाब दिया है।