चंडीगढ़। पंजाब में अमृतसर पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के समर्थन से संचालित दो संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार नाबालिगों समेत कुल नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन अवैध पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस और पेट्रोल से भरी चार बोतलें बरामद की गई हैं।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपित विदेश में बैठे कथित आईएसआई हैंडलरों के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, इन युवकों को आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था। उन्हें सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने, अवैध हथियार जुटाने और राज्य में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसे काम सौंपे गए थे।
जांच में सामने आया कि आरोपितों ने रेलवे ट्रैक के आसपास निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इन कैमरों से मिलने वाली फुटेज कथित तौर पर विदेश में मौजूद हैंडलरों को भेजी जा रही थी। इसका उद्देश्य रेलवे और अन्य संवेदनशील गतिविधियों पर नजर रखना बताया गया है।
पुलिस को करीब एक महीने पहले अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओएचई) पोल पर एक सीसीटीवी कैमरा मिला था। कैमरे को बिजली उपलब्ध कराने के लिए सोलर पैनल भी लगाया गया था। जांच के दौरान कैमरे के सिम स्लॉट से एक सिम कार्ड बरामद हुआ। यह सिम गुरदेव के नाम पर पंजीकृत था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने गुरदेव को गिरफ्तार किया और पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क की कड़ियां सामने आने लगीं।
अधिकारियों के मुताबिक, मामले में अमृतसर के मोहकमपुरा, एयरपोर्ट और सी-डिवीजन थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। इसके अलावा फंडिंग के स्रोत, विदेश से मिलने वाली आर्थिक मदद और गिरफ्तार आरोपितों के अन्य संभावित आतंकी गतिविधियों से संबंधों की भी जांच की जा रही है।
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने कहा है कि राज्य की सुरक्षा और शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।