जम्मू। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने की सातवीं बरसी के मौके पर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। संभावित विरोध प्रदर्शनों और आतंकी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। सुरक्षा कारणों से अमरनाथ यात्रा के नए और लौटने वाले तीर्थयात्रियों के जत्थों की आवाजाही भी आज अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक जम्मू से बालटाल बेस कैंप जाने वाले किसी भी नए जत्थे को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं, बालटाल से जम्मू लौट रहे यात्रियों की आवाजाही भी फिलहाल रोक दी गई है। हालांकि, रोक लगाए जाने से पहले बालटाल पहुंच चुके श्रद्धालुओं को निर्धारित कार्यक्रम के तहत पवित्र गुफा के दर्शन की अनुमति दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा नियंत्रित तरीके से जारी है और केवल आज नए तथा वापसी वाले जत्थों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
इधर, कश्मीर के कई जिलों में बिना पूर्व अनुमति किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन, रैली, जुलूस या सार्वजनिक सभा पर रोक लगा दी गई है। श्रीनगर, बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, गांदरबल, बडगाम, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग में अधिकारियों की अनुमति के बिना सार्वजनिक आयोजन नहीं किए जा सकेंगे।
सुरक्षा एजेंसियों ने अनुच्छेद 370 की बरसी, अमरनाथ यात्रा और आगामी स्वतंत्रता दिवस को ध्यान में रखते हुए संभावित आतंकी हमलों की चेतावनी दी है। अधिकारियों के अनुसार संवेदनशील स्थानों, यहां तक कि शिक्षण संस्थानों को भी निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है। इसके बाद जम्मू समेत कई इलाकों में सुरक्षा घेरा और मजबूत किया गया है।
हंदवाड़ा और सोपोर पुलिस ने भी बिना अनुमति प्रदर्शन नहीं करने की अपील की है। पुलवामा और शोपियां पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं से बचने तथा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा है। बांदीपोरा पुलिस ने भी जिले में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी है।