ग्लासगो। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के +110 किग्रा वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। लवप्रीत ने कुल 388 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें 176 किग्रा स्नैच और 212 किग्रा क्लीन एंड जर्क शामिल रहा। वह स्वर्ण पदक से महज एक किलोग्राम पीछे रह गए। न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने 389 किग्रा के कुल वजन के साथ गोल्ड जीता।
लवप्रीत ने मुकाबले की शुरुआत ही शानदार अंदाज में की। स्नैच में उन्होंने अपने तीनों प्रयास सफल किए। पहले प्रयास में 168 किग्रा, दूसरे में 173 किग्रा और तीसरे प्रयास में 176 किग्रा वजन उठाया। 176 किग्रा का यह प्रदर्शन राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बना। इससे वह स्नैच के बाद मजबूत स्थिति में पहुंच गए।
मुकाबले में बड़ा उलटफेर तब हुआ, जब स्वर्ण के दावेदार माने जा रहे समोआ के सनेले माओ 175 किग्रा के तीनों स्नैच प्रयासों में असफल रहे। इसका फायदा लवप्रीत को मिला और उन्होंने स्नैच चरण के बाद बढ़त हासिल कर ली।
हालांकि क्लीन एंड जर्क में न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने जोरदार वापसी की। लवप्रीत ने 212 किग्रा का सफल प्रयास किया, लेकिन 217 किग्रा वजन उठाने में नाकाम रहे। दूसरी ओर लिटी ने 223 किग्रा का शानदार क्लीन एंड जर्क प्रयास सफल कर कुल स्कोर 389 किग्रा तक पहुंचा दिया। इसी के साथ उन्होंने लवप्रीत को सिर्फ एक किलोग्राम से पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।
लवप्रीत के लिए यह पदक खास है। उन्होंने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 109 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था। इस बार सुपर हेवीवेट वर्ग में रजत जीतकर उन्होंने अपने प्रदर्शन में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी।
भारतीय भारोत्तोलन के लिए भी यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहा। ग्लासगो 2026 में भारत ने भारोत्तोलन में कुल आठ पदक जीते, जिनमें एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य शामिल हैं।