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पेपर लीक बिल पर संसद में क्यों नहीं हुई चर्चा? रिजिजू ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

 

अमेरिका हो या भारत, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हमेशा छात्रों के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार संसद में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने वाला महत्वपूर्ण ‘पेपर लीक बिल’ लेकर आई है। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के हंगामे के कारण इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किरेन रिजिजू ने कहा कि हाल के वर्षों में देशभर के छात्रों ने परीक्षा में पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाई है। इन मांगों और छात्र आंदोलनों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त कानूनी व्यवस्था लाने का फैसला किया है। उनका कहना था कि ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर संसद में गंभीर चर्चा होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।

रिजिजू ने कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने नारेबाजी, काले कार्ड दिखाने और अन्य तरीकों से सदन की कार्यवाही बाधित की, जिससे इस विधेयक पर बहस नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि संसद देश में नीति निर्माण और जनहित के मुद्दों पर चर्चा का सर्वोच्च मंच है। यदि छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने अहम विषय पर भी चर्चा नहीं हो पाए, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से एक विशेष टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है, जो परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में काम कर रही है।

रिजिजू के अनुसार, प्रस्तावित ‘पेपर लीक बिल’ में प्रश्नपत्र लीक करने, अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त एवं समयबद्ध कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कानून लागू होने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और लाखों छात्रों का भविष्य अधिक सुरक्षित होगा।

संसदीय कार्य मंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर छात्रों के हित को प्राथमिकता दें और संसद में इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा सुनिश्चित करें।

 

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