महाराष्ट्र के पंढरपुर स्थित इस्कॉन मंदिर में स्थापित अत्याधुनिक रोबोटिक हाथी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। प्राकृतिक हाथी की तरह दिखने और उसकी कई गतिविधियों की नकल करने वाला यह कृत्रिम हाथी भाजपा सांसद और वरिष्ठ अभिनेत्री हेमा मालिनी की ओर से मंदिर को भेंट किया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।
आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीक से तैयार यह कृत्रिम हाथी देखने में बिल्कुल असली हाथी जैसा प्रतीत होता है। यह अपनी सूंड, सिर, कान और आंखों को स्वाभाविक ढंग से हिला सकता है। इतना ही नहीं, यह सूंड में पानी भरने जैसी गतिविधियां भी कर सकता है, जिससे श्रद्धालुओं को वास्तविक हाथी जैसा अनुभव मिलता है। मंदिर में इसके आगमन के बाद बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं।
इस्कॉन मंदिर के शंकराचार्य दास ने बताया कि इस रोबोटिक हाथी का वजन लगभग 800 से 900 किलोग्राम है। इसमें अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगाया गया है, जो इसकी गतिविधियों को नियंत्रित करता है। उनका कहना है कि वर्तमान समय में जीवित हाथी का पालन-पोषण काफी महंगा हो गया है। इसके अलावा धार्मिक आयोजनों और शोभायात्राओं के दौरान सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी रहती हैं। कई स्थानों पर हाथियों से जुड़े हादसों को देखते हुए यह कृत्रिम हाथी सुरक्षित और आधुनिक विकल्प के रूप में मंदिर में लाया गया है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, 23 जुलाई को आयोजित होने वाली भव्य रथयात्रा में यह रोबोटिक हाथी मुख्य आकर्षण रहेगा। श्रद्धालु इसे रथयात्रा के दौरान करीब से देख सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे धार्मिक आयोजनों की भव्यता भी बढ़ेगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
मंदिर परिसर में इस कृत्रिम हाथी के लिए विशेष शेड का निर्माण कराया गया है, जहां इसे स्थायी रूप से रखा जाएगा। खारघर (नवी मुंबई) और तिरुपति बालाजी स्थित इस्कॉन मंदिर के बाद अब पंढरपुर तीसरा प्रमुख इस्कॉन केंद्र बन गया है, जहां इस तरह का अत्याधुनिक रोबोटिक हाथी स्थापित किया गया है। आषाढ़ी एकादशी पर आने वाले हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के साथ इस अनोखे आकर्षण को देखने भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।