वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने बीते सप्ताह शानदार मजबूती दिखाई। सप्ताह की शुरुआत भले ही दबाव में हुई, लेकिन घरेलू निवेशकों की खरीदारी और आईटी सेक्टर के दमदार प्रदर्शन ने अंत में बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इससे यह संकेत मिला कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था और निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
सोमवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 650 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,000 के अहम स्तर के करीब पहुंच गया। हालांकि दिन के अंत तक आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में खरीदारी लौटने से बाजार ने अधिकांश नुकसान की भरपाई कर ली।
मंगलवार को भी विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक बाजारों की कमजोरी और भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए। इसके बाद बुधवार को अमेरिकी खुदरा महंगाई के आंकड़ों में नरमी के संकेत मिलने से एशियाई बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला और दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।
गुरुवार को पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार रहने के बावजूद भारतीय बाजार ने संतुलित प्रदर्शन किया। एक्सपायरी डे और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के चलते बाजार सीमित दायरे में रहा, लेकिन निवेशकों का भरोसा कायम दिखाई दिया।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी और टेक महिंद्रा के बेहतर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। जब दुनिया के कई प्रमुख शेयर बाजार दबाव में थे, तब भारतीय बाजार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेंसेक्स को 964.58 अंकों की छलांग के साथ 78,151.45 और निफ्टी को 272.75 अंकों की तेजी के साथ 24,345.50 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक और निवेशकों का भरोसा आने वाले समय में भी भारतीय शेयर बाजार को मजबूती प्रदान कर सकता है।