भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा को लेकर ओडिशा सरकार ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। भारी बारिश के रेड अलर्ट और लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए इस बार पुरी को जमीन, आसमान और समुद्र से बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। आधुनिक तकनीक और आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजामों के साथ प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे शहर की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एनालिटिक्स, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग भी किया जा रहा है। इन प्रणालियों की मदद से भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जाएगी।
रथ यात्रा से पहले पुरी में हुई भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने ग्रैंड रोड पर जलभराव रोकने के लिए विशेष पंप लगाए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और रथ यात्रा बिना बाधा के आगे बढ़ सके।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने बताया कि भगवान बलभद्र का तालध्वज, देवी सुभद्रा का दर्पदलन और भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंचा दिए गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच भगवान की प्रतिमाओं को रथों पर विराजमान किया जाएगा। इसके बाद गजपति महाराजा द्वारा पारंपरिक ‘छेरा पहंरा’ (रथ की सफाई) की रस्म पूरी होने के बाद श्रद्धालु रथ खींचना शुरू करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत 13 हजार पुलिसकर्मी, केंद्रीय सशस्त्र बलों की 15 कंपनियां, एनएसजी कमांडो, भारतीय नौसेना, कोस्ट गार्ड और समुद्र तट पर 500 लाइफगार्ड तैनात किए गए हैं। ओडिशा पुलिस का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और रथ यात्रा के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए हर स्तर पर निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।