असम पुलिस को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर क्षेत्र में पुलिस ने करीब 80,000 याबा टैबलेट्स बरामद की हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय काले बाजार में कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन कथित ड्रग तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राताबारी थाना क्षेत्र के दलग्राम निवासी इनाम हुसैन, शमीम उद्दीन और डोलुगांग निवासी अल्ताफ हुसैन के रूप में हुई है। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है ताकि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
श्रीभूमि की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) लीना दौले ने बताया कि पुलिस को मिजोरम की ओर से बड़ी खेप में मादक पदार्थ लाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सीडीएसपी अंशुल शर्मा, रामकृष्णनगर थाना प्रभारी प्रियब्रत शर्मा और उनकी टीम ने चन्नीघाट इलाके में नाकाबंदी कर सघन जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान मिजोरम से आ रही बिना नंबर प्लेट की एक मारुति ईको वैन को रोककर उसकी तलाशी ली गई। वाहन की गहन जांच में 240 साबुनदानियों के अंदर छिपाकर रखी गई 80 हजार याबा टैबलेट्स बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक, इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी क्षेत्र में सक्रिय अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद एसएसपी लीना दौले स्वयं मौके पर पहुंचीं और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों और सप्लायरों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है। असम पुलिस ने कहा कि राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।