तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में मंगलवार को एक निजी मेटल स्मेल्टिंग फैक्ट्री में बॉयलर फटने से भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि कुछ ही पलों में फैक्ट्री के अंदर आग फैल गई और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में बिहार के एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना गुमिडिपुंडी सिपकॉट औद्योगिक क्षेत्र के पार्थ पालयम गांव के पास स्थित फैक्ट्री की है।
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान बिहार निवासी रवि रंजन के रूप में हुई है। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस, दमकल और बचाव दल ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घायलों में बिहार और मध्य प्रदेश के रहने वाले भूषण कुमार, ओम कुमार, रंजीत कुमार और सिंबर सिंह को गुमिडिपुंडी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं बिहार के राजा बाबू, रणवीर कुमार और फ्रेंड्स कुमार को बेहतर इलाज के लिए चेंगलपट्टू के एक निजी अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायल प्रिंस कुमार का इलाज चेन्नई के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
विस्फोट के बाद लगी आग पर काबू पाने के लिए गुमिडिपुंडी और चिप्पाडाई फायर स्टेशनों से दमकल की दो टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। हालांकि एहतियात के तौर पर राहत और बचाव अभियान देर तक जारी रहा।
गुमिडिपुंडी के डीएसपी ससीथरन की निगरानी में पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम फैक्ट्री परिसर में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। अधिकारियों को आशंका है कि विस्फोट के बाद गिरे मलबे के नीचे कुछ और कर्मचारी फंसे हो सकते हैं। इसी वजह से प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बॉयलर किन कारणों से फटा। पुलिस और संबंधित विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आएगी। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और नियमित तकनीकी निरीक्षण की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।