गुजरात सरकार पोरबंदर जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले माधवपुर स्थित श्रीकृष्ण-रुक्मिणी यात्राधाम को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में इस परियोजना के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। इस चरण में 43.72 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे, जिन्हें अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे पहले परियोजना के पहले चरण में 47.99 करोड़ रुपये की लागत से श्री रुक्मिणी माताजी मंदिर, विवाह वेदी ‘चोरी मायरा’, ब्रह्मकुंड और भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण एवं विकास किया जा चुका है। अब दूसरे चरण में सबसे प्रमुख कार्य ऐतिहासिक माधवरायजी मंदिर का जीर्णोद्धार है, जिस पर 20.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे मंदिर का प्राचीन स्वरूप सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समुद्र तट पर 200 मीटर लंबे बीच फ्रंट का विकास किया जाएगा। यहां आधुनिक फूड कोर्ट, फूड कियोस्क, हाईटेक शौचालय और बैठने की बेहतर व्यवस्था भी तैयार की जाएगी। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 5.31 करोड़ रुपये की लागत से विशाल आउटर प्लाजा और पार्किंग का निर्माण होगा, जिससे मेले और त्योहारों के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था सुगम बनेगी।
यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए काचबा उछेर केंद्र से माधवरायजी मंदिर तक जाने वाली सड़क को 9 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इसके अलावा परिसर में आकर्षक लैंडस्केपिंग, फाउंटेन, सनातन संस्कृति पर आधारित कलात्मक मूर्तियां, सेल्फी प्वाइंट और आधुनिक साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे, जिससे यह स्थल युवाओं और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
पूरे परिसर में बिजली, प्लंबिंग और सिंचाई की सभी व्यवस्थाएं अंडरग्राउंड की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।