देहरादून में 11 जुलाई से सजेगा राष्ट्रीय ‘लोक संवर्धन पर्व’, 160 स्टॉल और सांस्कृतिक संध्या बनेंगी आकर्षण

 उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 11 से 15 जुलाई तक पांच दिवसीय उत्तरी क्षेत्रीय ‘लोक संवर्धन पर्व’ का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की प्रधानमंत्री विकास योजना के तहत परेड ग्राउंड में होने वाला यह राष्ट्रीय आयोजन पहली बार उत्तराखंड में आयोजित किया जा रहा है। उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास करेंगे।

इस आयोजन में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए अल्पसंख्यक कारीगर अपने पारंपरिक हस्तशिल्प, हस्तनिर्मित उत्पाद और स्थानीय कला का प्रदर्शन एवं बिक्री करेंगे। इससे पहले इस राष्ट्रीय श्रृंखला के आयोजन दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और कोच्चि में हो चुके हैं।

बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मानसून के मद्देनजर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर वॉटरप्रूफ टेंट, बेहतर जल निकासी, फायर सेफ्टी, सुरक्षा, निर्बाध बिजली, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। नगर निगम को साफ-सफाई, शौचालयों के रखरखाव, फॉगिंग और दवा छिड़काव के निर्देश दिए गए, जबकि पुलिस विभाग को यातायात और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया।

पर्व में कुल 160 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें 130 स्टॉल हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों के लिए और 30 स्टॉल फूड कोर्ट के लिए होंगे। स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 40 प्रतिशत स्टॉल उत्तराखंड के शिल्पकारों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। चयनित सभी कारीगरों को स्टॉल निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।

महिला और युवा कारीगरों, पहली बार भाग लेने वाले प्रतिभागियों, लुप्त होती पारंपरिक कलाओं के विशेषज्ञों तथा मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों के लाभार्थियों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।

यह आयोजन प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। हर शाम आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या में देशभर के कलाकार अपनी लोक संस्कृति और लोक कलाओं की रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे, जो इस पर्व का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

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