बेंगलुरु/भोपाल। कर्नाटक के बेंगलुरु के मदापट्टना क्षेत्र स्थित एक ग्रेनाइट खदान में गुरुवार को हुए भीषण हादसे में मध्य प्रदेश के पांच मजदूरों सहित सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब करीब 40 फीट ऊंचाई से एक विशाल ग्रेनाइट चट्टान अचानक खिसककर नीचे गिर गई। इसकी चपेट में कई मजदूर आ गए। घटना में पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
सेंट्रल रेंज के डीआईजी S. Girish ने बताया कि मृतकों में मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के पांच मजदूर, जबकि एक-एक मजदूर छत्तीसगढ़ और कर्नाटक का रहने वाला है। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाकर सभी प्रभावित मजदूरों को बाहर निकाला गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, खदान के ऊपरी हिस्से में ड्रिलिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक भारी ग्रेनाइट चट्टान नीचे की ओर खिसक गई और वहां काम कर रहे मजदूर उसके नीचे दब गए। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
हादसे पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट में ब्लास्टिंग की बजाय चट्टान खिसकने या मिट्टी धंसने की आशंका सामने आई है। भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नए सुरक्षा मानक लागू किए जाएंगे।
खदान प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मध्य प्रदेश के श्रम मंत्री Prahlad Patel ने भी घटना पर चिंता जताते हुए अधिकारियों से पूरी जानकारी मांगी है। राज्य के श्रम विभाग ने कर्नाटक प्रशासन से संपर्क कर मृतकों और घायलों के संबंध में समन्वय शुरू कर दिया है।
मृतकों में अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र के भुवनेश्वर सिंह गौंड, राजपाल सिंह, रामअवतार सिंह और राजेश प्रसाद चौधरी की पहचान हो चुकी है, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है। मामले की जांच जारी है और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।