After Header-1

4 जुलाई से फिर घर-घर पहुंचेगी सरकार, जानिए किसे मिलेगा सीधा फायदा

300×250 ADS-1

देहरादून। उत्तराखंड सरकार एक बार फिर आम जनता की समस्याओं का समाधान उनके घर के नजदीक पहुंचकर करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 4 जुलाई से राज्यभर में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा। 15 दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहकर लोगों की शिकायतों का मौके पर निस्तारण करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। इसी सोच के तहत सरकार अधिकारियों को जनता के बीच भेज रही है ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस अभियान के दौरान लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

300×600 ADS-2

यह विशेष अभियान मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किए जा रहे ‘सेवा पखवाड़ा’ का हिस्सा होगा। 4 जुलाई से शुरू होकर 15 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर जनसुनवाई और सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष दिसंबर में सरकार ने इसी नाम से 45 दिनों का विशेष अभियान चलाया था, जिसे जनता का व्यापक समर्थन मिला था। उस दौरान राज्यभर में कुल 681 शिविर लगाए गए थे, जिनमें 5 लाख 33 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। अभियान के दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया था। इस पहल को सुशासन और प्रभावी प्रशासन का सफल मॉडल मानते हुए विभिन्न स्तरों पर सराहना भी मिली थी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोगों को बिना किसी अनावश्यक भागदौड़ के सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना ही सुशासन की पहली पहचान है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। सरकार का उद्देश्य प्रशासन को जनता के और अधिक करीब लाना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.