उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। एक व्यावसायिक भवन में संचालित एनिमेशन और डिजाइन प्रशिक्षण केंद्र में अचानक आग लगने से वहां मौजूद छात्र-छात्राओं में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग और धुएं ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई छात्र अंदर ही फंस गए।
राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमों ने मलबे और धुएं के बीच से कई लोगों को बाहर निकाला। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मीडिया से बातचीत के दौरान 15 लोगों की मौत की पुष्टि की। घटना की भयावहता का जिक्र करते हुए वह भावुक हो गए और कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से 14 शव देखे हैं। मृतकों में अधिकांश छात्र-छात्राएं बताए जा रहे हैं, जिनकी उम्र करीब 16 से 17 वर्ष के बीच थी।
प्रशासन के अनुसार, आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन इसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को मौके पर बुलाकर हादसे के कारणों की विस्तृत जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस हादसे में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। राहत दल अब तक सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहा है, हालांकि आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों से तत्काल संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।