रुड़की तहसील में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, विजिलेंस ने किसे रंगेहाथ दबोचा?

रुड़की। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विजिलेंस टीम ने रुड़की तहसील परिसर में तैनात एक प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवान को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया।

जानकारी के अनुसार, तहसील परिसर में तैनात पीआरडी जवान पर आरोप है कि उसने जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) से जुड़े एक मामले में पीड़ित से कार्य कराने के बदले अवैध धनराशि की मांग की थी। आरोपी की मांग और लगातार दबाव से परेशान होकर पीड़ित ने मामले की शिकायत उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान की हेल्पलाइन पर दर्ज कराई।

शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को आरोपी को रिश्वत की रकम देने के लिए भेजा गया। जैसे ही पीड़ित ने निर्धारित धनराशि आरोपी के हवाले की, पहले से मौके पर तैनात विजिलेंस टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।

विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही उसके सेवा रिकॉर्ड और पूर्व में मिली शिकायतों की भी जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस प्रकरण में तहसील से जुड़े अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल हैं।

सतर्कता विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में कार्य कराने के बदले रिश्वत मांगी जाती है तो इसकी सूचना तुरंत विजिलेंस को दें। अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विजिलेंस की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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