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- राम मंदिर दान घोटाले में बड़ा खुलासा? CCTV से छेड़छाड़ के संकेत, ट्रस्ट पदाधिकारी घेरे में
- अयोध्या में दानराशि जांच तेज: 4 घंटे तक हुई पूछताछ, क्या दर्ज होगी बड़ी FIR?
अयोध्या। राम मंदिर की दानराशि में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गुरुवार को लगातार चौथे दिन भी जांच अभियान जारी रखते हुए राम मंदिर के मुख्य ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की। इससे पहले तीन दिनों में 60 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
जांच एजेंसियां दानराशि की गणना, उसके सुरक्षित रखरखाव और मंदिर परिसर से बैंक तक धनराशि पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की भी जांच की गई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं, जिसके बाद एसआईटी ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई प्रमुख पदाधिकारियों, जिनमें चंपत राय और गोपाल राव सहित अन्य संबंधित लोगों से भी लगातार पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाए हैं, जबकि कुछ जवाबों को जांच टीम ने संतोषजनक नहीं माना है। दानराशि से संबंधित उपलब्ध कराए गए अभिलेखों में भी कई बिंदु अस्पष्ट पाए गए हैं।
विशेष जांच दल ने करीब 200 लोगों की सूची तैयार की है, जिनमें से अब तक लगभग 125 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। कुछ व्यक्तियों को दोबारा भी बुलाया गया है। वहीं, पहले पकड़े गए पांच संदिग्धों से भी पूछताछ की गई है, जिनके पास से नकदी बरामद होने की बात सामने आई थी।
इसी बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे का कार्यक्रम है। वे रामलला के दर्शन भी करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप सकती है। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।