आयुष्मान योजना में बड़ा खुलासा! ICU में बिना जरूरत भर्ती, लाखों की वसूली का आरोप

 देहरादून। आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए) की औचक जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। निरीक्षण के दौरान कई अस्पतालों में मरीजों से अवैध वसूली, बिना आवश्यकता आईसीयू में भर्ती, चिकित्सकों की अनुपस्थिति, खराब डायलिसिस सेवाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी खामियां पाई गईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने तीन अस्पतालों की संबद्धता निलंबित करने तथा दो अस्पतालों पर आर्थिक दंड लगाने की संस्तुति की है।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी के निर्देश पर निदेशक क्लेम डॉ. सरोज नैथानी के नेतृत्व में गठित टीम ने पावरलाइफ अस्पताल, प्रेमसुख अस्पताल, प्रकाशदीप अस्पताल, वेलमेड अस्पताल और सुनंदा मेडिकल सेंटर का निरीक्षण किया। जांच के बाद सभी संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

निरीक्षण के दौरान पावरलाइफ अस्पताल में एक मरीज को सामान्य स्वास्थ्य समस्या के बावजूद आईसीयू में भर्ती रखने का मामला सामने आया। वहीं अस्पताल में सामान्य वार्ड का अभाव, रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में गंभीर कमियां मिलीं।

प्रेमसुख अस्पताल में आयुष्मान योजना के लाभार्थी से कथित रूप से 48 हजार रुपये की अवैध वसूली की शिकायत मिली। यहां अग्नि सुरक्षा, रैंप और योजना संबंधी सूचना बोर्डों की कमी भी पाई गई। अस्पताल स्टाफ को योजना की प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होने की बात भी सामने आई।

सबसे गंभीर स्थिति प्रकाशदीप अस्पताल में देखने को मिली, जहां मरीजों से भारी रकम वसूलने की शिकायतों के साथ उपचाररत डॉक्टरों की अनुपस्थिति पाई गई। निरीक्षण के दौरान गंभीर मरीजों को तत्काल अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ा।

सुनंदा मेडिकल सेंटर की डायलिसिस यूनिट में भी मानकों की अनदेखी सामने आई। वहीं वेलमेड अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और रिकॉर्ड प्रबंधन में कई कमियां दर्ज की गईं।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के अधिकारों और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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