रांची में स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी पहल: मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’, बदल सकती है इलाज की तस्वीर
रांची। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ पहल का शुभारंभ किया। रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित ‘मेड-टेक इनोवेशन डे’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर इस महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की।
भारतीय विकास ट्रस्ट (बीवीटी) और पीएचआईए फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों को बढ़ावा देना है। ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ के माध्यम से इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स को वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में अपनी चिकित्सा तकनीकों का परीक्षण करने का अवसर मिलेगा। इससे नई तकनीकों की उपयोगिता और प्रभावशीलता का आकलन कर उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में नवाचार और तकनीकी विकास की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य दूरदराज, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई तकनीकें लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बायो-इंजीनियरिंग और रियल-टाइम डेटा के बढ़ते उपयोग को भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और नवाचारकर्ताओं को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आईआईटी धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का अवलोकन भी किया, जिसे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही एक विशेष एआई कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी। साथ ही राज्यभर में 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, इनोवेटर्स और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।