बहरीन में अमेरिकी ठिकाने पर ड्रोन हमला! ईरान के दावे से बढ़ा मध्य पूर्व में तनाव

 तेहरान। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमला किया है। वहीं, अमेरिका की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आईआरजीसी के अनुसार यह कार्रवाई अमेरिका की हालिया सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई। ईरान ने दावा किया कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिका के अत्याधुनिक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को भी मार गिराया है। इसके अलावा, जॉर्डन में स्थित अल अजराक एयर बेस पर हमले में अमेरिकी सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया गया है।

ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपनी कथित शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बंद नहीं करता है, तो आगे और भी बड़े हमले किए जा सकते हैं। इस बयान के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

दूसरी ओर, बहरीन सरकार ने नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है। हालांकि सरकार ने अलर्ट के पीछे की स्पष्ट वजह नहीं बताई, लेकिन इसे क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

इससे पहले अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा के तहत सैन्य कार्रवाई की गई थी। अमेरिका का दावा था कि यह कदम उसके सैन्य हेलीकॉप्टर पर हुए हमले के जवाब में उठाया गया। अमेरिकी हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और रडार नेटवर्क को निशाना बनाया गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सीधा टकराव पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। यदि तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते हैं, तो क्षेत्र एक बड़े सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।

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