भोपाल। मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले ली है। सीबीआई ने भोपाल पुलिस से केस डायरी और संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर मामले में नई एफआईआर दर्ज की है। इस बीच, पुलिस रिमांड के दौरान ट्विशा के पति समर्थ सिंह से हुई पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, समर्थ सिंह ने पूछताछ में दावा किया कि शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के रिश्ते सामान्य थे, लेकिन अप्रैल में ट्विशा के गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद परिस्थितियां बदलने लगीं। समर्थ के मुताबिक ट्विशा अपने मॉडलिंग और अभिनय करियर को लेकर बेहद गंभीर थीं और अक्सर कहती थीं कि वह पारंपरिक घरेलू जीवन नहीं जी सकतीं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ।
समर्थ ने पूछताछ में एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया। उसके अनुसार अप्रैल में दोनों का बेंगलुरु जाने का कार्यक्रम था, लेकिन ट्विशा ने अंतिम समय में योजना बदल दी और अजमेर जाने की बात कही। बाद में पता चला कि वह दिल्ली चली गई थीं। इस घटना के बाद दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया।
ट्विशा की मौत वाली रात के बारे में समर्थ ने बताया कि दोनों ने साथ में समय बिताया, भोजन किया और पार्क में टहलने के बाद घर लौट आए। उसके अनुसार देर रात ट्विशा अपने परिजनों से फोन पर बात कर रही थीं। बाद में जब परिवार की ओर से फोन नहीं उठाने की सूचना मिली तो तलाश के दौरान वह घर की छत पर फंदे से लटकी मिलीं। समर्थ का दावा है कि उसने और उसकी मां ने उन्हें नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद समर्थ के फरार होने और जबलपुर में छिपे रहने की बात भी सामने आई है। उसने स्वीकार किया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल बंद कर दिया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फरारी के दौरान उसे किसने मदद और शरण दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया है और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि सच्चाई सामने लाना आवश्यक है और जांच एजेंसियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।