लंदन में 14 साल की सबसे गर्म रात, क्या दुनिया खतरनाक जलवायु संकट की ओर बढ़ रही है?

भारत ही नहीं, बल्कि इस समय पूरा यूरोप भी भीषण गर्मी की चपेट में है। जिन देशों को कभी ठंडे मौसम के लिए जाना जाता था, वहां अब रिकॉर्ड तोड़ तापमान लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच एशिया और यूरोप में फैली गर्मी की लहर ने वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में पिछले 14 वर्षों की सबसे गर्म रात दर्ज की गई। तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यूनाइटेड किंगडम में लगातार दो दिनों तक मई महीने के सर्वाधिक तापमान के रिकॉर्ड टूट गए। दक्षिण-पश्चिम लंदन के क्यू गार्डन्स में तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने दशकों पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

उधर भारत में भी नौतपा के दौरान गर्मी अपने चरम पर है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई है। हालात इतने गंभीर रहे कि एक दिन दुनिया के सबसे गर्म 50 शहरों में सभी शहर भारत के थे।

फ्रांस सहित पश्चिमी यूरोप के कई देशों में भी असामान्य गर्मी दर्ज की जा रही है। मौसम एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि लू का असर कई दिनों तक जारी रह सकता है। बढ़ते तापमान के कारण कई लोगों की जान भी जा चुकी है। पहले जहां यूरोप में गर्मियों के दौरान अपेक्षाकृत ठंडा मौसम रहता था, वहीं अब एयर कंडीशनर की मांग तेजी से बढ़ रही है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी अफ्रीका से आने वाली गर्म हवाओं को रोकने वाला एक शक्तिशाली हाई-प्रेशर सिस्टम पश्चिमी यूरोप के ऊपर बना हुआ है। इससे ठंडी हवाओं का प्रवाह बाधित हो गया है और तापमान लगातार बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में लंदन जैसे शहरों में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान सामान्य बात हो सकती है। वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि तेजी से बढ़ता वैश्विक तापमान अब शहरों की बुनियादी संरचना, आवास और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यह स्थिति जलवायु परिवर्तन के गंभीर खतरे की स्पष्ट चेतावनी है, जिससे निपटने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी है।

 

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