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भारत-चीन रिश्तों में पिघलने लगी बर्फ! LAC पर शांति को लेकर बनी बड़ी सहमति

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे समय से जारी तनाव के बीच भारत और चीन ने संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। बीजिंग में आयोजित वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की अहम बैठक में दोनों देशों ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस वार्ता को “रचनात्मक और दूरदर्शी” करार दिया है।

गौरतलब है कि साल 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में भारी तनाव आ गया था। इसके बाद पूर्वी लद्दाख में कई संवेदनशील इलाकों में सैन्य गतिरोध की स्थिति बनी रही। हालांकि पिछले कुछ महीनों में लगातार सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं के जरिए हालात में सुधार देखने को मिला है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और अब तक हुई प्रगति पर संतोष जताया। दोनों देशों का मानना है कि सीमा पर शांति कायम रहने से द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने में मदद मिलेगी। वार्ता के दौरान सीमा प्रबंधन, नए समन्वय तंत्र और सीमा-पार सहयोग जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

भारत ने सीमा पार बहने वाली नदियों को लेकर विशेषज्ञ स्तर की बैठक जल्द आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों पक्ष 24वीं विशेष प्रतिनिधि (SR) वार्ता के तहत बनी सहमतियों के आधार पर सैन्य और कूटनीतिक संवाद जारी रखने पर सहमत हुए।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने किया, जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई विदेश मंत्रालय की महानिदेशक हाओ यानकी ने की। बैठक के दौरान भारतीय अधिकारियों ने चीन के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की।

यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब डेपसांग और डेमचोक जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी के बाद दोनों देश रिश्तों को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हालिया मुलाकातों ने भी इस प्रक्रिया को नई गति दी है।

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