नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों और मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई राज्य नामकरण प्राधिकरण (एसएनए) की बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि नए नाम दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय मूल्यों को दर्शाएंगे।
बैठक में सबसे बड़ा फैसला रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के नाम को लेकर लिया गया। अब इसका नया नाम ‘डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल मेट्रो स्टेशन’ होगा। वहीं, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोहिणी ईस्ट मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर सिर्फ ‘रोहिणी मेट्रो स्टेशन’ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का देश के सामाजिक और संवैधानिक विकास में अमूल्य योगदान रहा है और उनके नाम से जुड़े संस्थान समाज को समानता और न्याय का संदेश देते हैं।
इसके अलावा, रोहिणी सेक्टर-33 के बेगमपुर इलाके में बन रहे आधुनिक खेल परिसर का नाम ‘अटल खेल परिसर’ रखा जाएगा। यह परिसर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित होगा। परिसर में उनकी प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन और नेतृत्व युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है तथा उनके नाम पर खेल परिसर का निर्माण नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देगा।
सरकार ने ज्वालापुरी में बन रहे अस्पताल का नाम ‘बाबा रामदेवजी महाराज अस्पताल’ रखने को भी मंजूरी दी है। वहीं, द्वारका मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘द्वारका-ककरोला मेट्रो स्टेशन’ किया जाएगा ताकि स्थानीय पहचान को अधिक स्पष्ट किया जा सके।
इसके साथ ही शकूरपुर स्थित ब्रिटानिया चौक का नाम बदलकर ‘अश्विनी चोपड़ा (मिन्ना) चौक’ रखने का निर्णय भी लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे फैसले समाज में योगदान देने वाले महापुरुषों और स्थानीय पहचान को सम्मान देने का माध्यम बनते हैं।