वाशिंगटन। San Diego में एक मस्जिद पर हुए हमले ने पूरे अमेरिका को झकझोर कर रख दिया है। गोलीबारी की इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि हमले के बाद दोनों संदिग्ध हमलावर भी मृत पाए गए। पुलिस इस मामले की जांच एंटी-मुस्लिम हेट क्राइम के तौर पर कर रही है।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब मस्जिद परिसर में लोग मौजूद थे। गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत पूरे क्षेत्र को घेर लिया। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। अमेरिकी मीडिया में सामने आई हवाई तस्वीरों में कई बच्चों को मस्जिद परिसर से सुरक्षित बाहर निकालते देखा गया, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों संदिग्ध किशोर थे। शुरुआती जांच में मामला मुस्लिम विरोधी नफरत से प्रेरित हमला लग रहा है, हालांकि हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे की असली वजह की जांच अभी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई कट्टरपंथी नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
घटना पर Donald Trump ने दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद भयावह और गलत घटना है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जाएगी। ट्रंप ने अपने बयान में मध्य पूर्व और ईरान का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
वहीं Zohran Mamdani ने इस घटना को मुस्लिम विरोधी हिंसा करार दिया। उन्होंने कहा कि इस्लामोफोबिया पूरे देश में मुस्लिम समुदाय के लिए खतरा बनता जा रहा है। ममदानी ने एहतियात के तौर पर न्यूयॉर्क शहर की मस्जिदों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की घोषणा की।
घटना के बाद अमेरिकी मुस्लिम संगठनों ने भी हमले की कड़ी निंदा की है और संघीय एजेंसियों से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।