आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खराब खानपान, तनाव और अनियमित दिनचर्या का असर शरीर के कई अंगों पर पड़ रहा है। इनमें किडनी सबसे अहम अंगों में से एक है। जब किडनी ठीक तरह से काम नहीं करती, तो शरीर में सूजन, कमजोरी, थकान और पेशाब से जुड़ी कई समस्याएं सामने आने लगती हैं। किडनी का मुख्य काम शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालना, खून को साफ करना और शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखना होता है। ऐसे में आयुष मंत्रालय नियमित योग और स्वस्थ जीवनशैली को बेहद जरूरी मानता है।
योग विशेषज्ञों के अनुसार, धनुरासन शरीर के लिए बेहद लाभकारी योगासन माना जाता है। इस आसन में शरीर की आकृति धनुष के समान दिखाई देती है, इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है। आयुष मंत्रालय का कहना है कि यह आसन शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ पेट, रीढ़, फेफड़ों और किडनी को भी फायदा पहुंचा सकता है।
धनुरासन करते समय शरीर पीछे की ओर झुकता है, जिससे पेट और कमर के आसपास खिंचाव पैदा होता है। इससे अंदरूनी अंग सक्रिय होते हैं और रक्त संचार बेहतर बनने लगता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किडनी तक पर्याप्त मात्रा में रक्त पहुंचने से उसे ऑक्सीजन और जरूरी पोषण मिलता है, जिससे उसकी कार्यप्रणाली बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
यह योगासन मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक माना जाता है। तनाव का असर सीधे ब्लड प्रेशर और हार्मोन पर पड़ता है, जिसका प्रभाव किडनी पर भी देखा जा सकता है। नियमित रूप से धनुरासन करने से मन शांत रहता है और शरीर को आराम मिलता है।
इसके अलावा धनुरासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में मदद करता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों में पीठ और कमर दर्द की समस्या आम हो चुकी है। यह आसन इन परेशानियों को कम करने में उपयोगी माना जाता है। साथ ही यह फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, सांस लेने की प्रक्रिया सुधारने और पाचन तंत्र को मजबूत करने में भी सहायक हो सकता है। कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में भी इससे राहत मिलने की बात कही जाती है।